छोटीसादड़ी। सरकार द्वारा कृषि-तकनीक क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के तहत कृषि इनपुट अनुदान, बीज अनुदान, कृषि यंत्रों एवं मशीनों की खरीद पर अनुदान से लेकर फसलों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के लिए किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, क्लस्टर लेवल फेडरेशन के तहत राज्य में ड्रोन तकनीक की मदद से खाद-उर्वरक व कीटनाशक दवा के छिड़काव के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा युवाओं और महिलाओं को अनुदान पर ड्रोन देने के साथ ही ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि किसान खेती में ड्रोन का इस्तेमाल कर फसल पैदावार बढ़ा सके।
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युवाओं को ड्रोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल देने की योजना तैयार की है, जिसके तहत इफको ने राज्य के प्रतापगढ जिले के जिले के दो युवा कृषि उद्यमियों को एक-एक ड्रोन तथा एक-एक इलेक्ट्रिक व्हीकल उपलब्ध कराया गया है। इनका इस्तेमाल फसलों पर उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए किया जाएगा। क्षेत्र के किसान निर्धारित शुल्क चुकाकर कृषि ड्रोन एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल अपने खेतों में कर सकेंगे।
इफको के क्षेत्रिय प्रबन्धक की निलेश लाववंशी प्रतापगढ द्वारा जानकारी दी गयी कि क्षेत्र के युवा कृषि उद्यमी बनवारी लाल जोशी निवासी छोटीसादड़ी तथा शिवलाल धाकड़ निवासी जलोद जागीर द्वारा मापसेर, नईदिल्ली में संचालित ड्रोन प्रशिक्षण में 15 दिवसीय कोर्स किया। जिसके सकल प्रशिक्षित होने पर इन्हे ड्रोन पायलेट का प्रमाणपत्र दिया गया है। इफ्को द्वारा उक्त प्रशिक्षण करवाया गया था और योजनानुसार सकल प्रशिक्षणार्थी को ड्रोन एवं ई-वाहन निःशुल्क उपलब्ध करवाया गया है। जिसने इकको द्वारा उत्पादित नैनो युरिया, नैनो डीएपी, तरल सागरिका एवं अन्य अनुसंशित दवाईयों का ये क्रियानो के खेतों में सस्ती दरों पर एंव कम समयावधि में किया जा सकेगा। ड्रोन की क्षमता 10 लीटर है , लगभग एक एकड़ (२से ढाई बीघा) के लिए पर्याप्त है।छिड़काव करने का अधिकतम समय 15-20 मिनिट है। किसानों के लिए समय की बचत होगी एंव डीएपी और यूरिया के बेग लिए लाईनो में लगने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। उपयोग करने के लिए किसानों को अपने खेतों में कीटनाशकों एवं उर्वरक खाद का छिड़काव करने के लिए पहले गूगल प्ले स्टोर से “इफको किसान उदय” नाम से मोबाइल एप डाउनलोड करना है। इस एप के तहत संबंधित किसानों को उनके क्षेत्र के पास उपलब्धता के अनुसार, कीटनाशक एवं अन्य पोषक तत्व छिड़काव के लिए ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस मोबाइल एप के माध्यम से नैनो उर्वरकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग कर किसान समय, श्रम, पानी और खेती लागत में कमी कर फसल उत्पादन और अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
ड्रोन सहित दी गई 15 लाख रुपए की सामग्री
दोनों युवा कृषि उद्यमियों को इफको द्वारा दिए गए ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल के हर सेट की कीमत 14-15 लाख बताई गई है, जिसमें लगभग 8 लाख रुपए का ड्रोन, करीब 5 लाख रुपए का इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं 2 लाख रुपए के अन्य सहायक सामग्री शामिल हैं। कृषि में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इफको द्वारा इन दोनों युवाओं को ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल और अन्य उपकरण मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। इफको की तरफ से दोनों कृषि उद्यमियों को ड्रोन सहित 25 हजार एमएएच का बैटरी सेट, ड्रोन बॉक्स के साथ सेंट्रीफ्यूगल नोजल का एक सेट, फ्लैट जेट का एक सेट, एक बैटरी चार्जर और दो फास्ट चार्जिंग हब व मैनुअल तथा लॉग के साथ एनीमोमीटर एवं पीएच मीटर के साथ टूल बॉक्स और डीसीएस रिमोट भी प्रदान किया गया है। इनके अतिरिक्त 25 हजार एमएएच के तीन अतिरिक्त बैटरी सेट, एक अतिरिक्त डुअल चैनल फास्ट बैटरी चार्जर, छह पोर्ट के साथ एक अतिरिक्त बैटरी चार्जर हब, एक अतिरिक्त प्रोपेलर प्रति सेट भी युवा कृषि उद्यमियों को दिया गया है।