भोपाल । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के देश व्यापी आव्हान के तहत महान सोवियत क्रान्ति की वर्षगांठ के अवसर पर भाकपा के राज्य कार्यालय शाकिर सदन में " कम्युनिस्ट आन्दोलन : प्रभाव और महत्व का वैश्विक परिदृश्य " विषय पर वरिष्ठ मार्क्सवादी चिंतक कॉमरेड अजित कुमार जैन ने मुख्य वक्तव्य दिया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा के मध्य प्रदेश राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने की ।*
कॉमरेड अजित कुमार जैन ने कहा कि " सोवियत क्रान्ति से ही दुनिया में पहली बार मेहनतकशों की सत्ता स्थापित हुई ।महान क्रान्तिकारी लेनिन ने कहा था कि मज़दूर वर्ग की अपनी राजनीतिक पार्टी होना चाहिए।सोवियत क्रान्ति के माध्यम से लेनिन ने मार्क्सवाद के क्रान्तिकारी विचार को साकार किया।सोवियत क्रान्ति की चेतना से ही फासीवाद , नाजीवाद को पराजित किया गया। सारी दुनिया में साम्राज्यवादी ताकतों का प्रखर प्रतिरोध करना संभव हुआ। सोवियत क्रान्ति की चेतना से सारी दुनिया में कम्युनिस्ट आन्दोलन विकसित हुए जिससे भारत सहित विभिन्न देशों में साम्राज्यवादी ताकतों को पराजित कर स्वाधीनता अर्जित की गई। सोवियत क्रान्ति नहीं होती तो भारत भी आज़ाद नहीं होता। सारी दुनिया में स्वाधीनता और न्याय के लिए हुए जन आन्दोलन सोवियत क्रान्ति की चेतना से प्रेरित हुए हैं।सोवियत क्रान्ति का संदेश है कि विश्व शांति , भूमि और रोटी जनता के हितों का मुख्य मुद्दा होना चाहिए। इस क्रान्ति की चेतना से ही सोवियत संघ में शिक्षा , स्वास्थ्य को राज्य का दायित्व निर्धारित किया गया। महिलाओं के सम्मान , सुरक्षा और बराबरी पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत में सार्वजनिक उपक्रमों की स्थापना में सोवियत संघ का बुनियादी योगदान है। भारत में भी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सोवियत क्रान्ति की चेतना से प्रेरित होकर जनता के हितों के लिए बहुआयामी संघर्ष किया है। सोवियत क्रान्ति की चेतना से प्रेरित कम्युनिस्ट आन्दोलन के प्रभाव और महत्व का वैश्विक परिदृश्य अविस्मरणीय है। वर्तमान संकट के असाधारण वातावरण में असाधारण कॉमरेड चाहिए । क्रान्ति एक विज्ञान है। इसकी सही वैज्ञानिक समझ से ही फासीवाद और साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ निर्णायक आन्दोलन किया जा सकता है । "
इसके पूर्व वरिष्ठ लेखिका पारुल खान ने विषय प्रवर्तन करते हुए सोवियत क्रान्ति के इतिहास और महत्व पर केन्द्रित आलेख प्रस्तुत किया ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने कहा कि " सोवियत क्रान्ति की चेतना से भारत सहित दुनिया के मेहनतकशों के हितों के लिए प्रतिबद्ध नागरिक प्रेरित हुए । सोवियत क्रान्ति ने सारी दुनिया के मेहनतकशों के आन्दोलन को वैज्ञानिक समझ के साथ ऊर्जा दी । साहित्यिक , सांस्कृतिक परिदृश्य को प्रतिबद्धता और पक्षधरता की अभिव्यक्ति हेतु प्रेरित किया। आज भी भारत में फासीवाद का प्रखर प्रतिरोध करने हेतु सोवियत क्रान्ति की चेतना हमारी प्रेरक है । "
इस अवसर पर कॉमरेड डी डी शर्मा , कॉमरेड संजय नामदेव और केयर भूषण शुक्ला ने भी सोवियत क्रान्ति के महत्व के सम्बन्ध में विचार व्यक्त किए ।
कार्यक्रम में युवा कवि मानस भारद्वाज , ऊषा प्रारब्ध , केयर भूषण शुक्ला ने कविता पाठ किया ।
कार्यक्रम का संचालन और आभार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला भोपाल सचिव कॉमरेड अजय राऊत ने व्यक्त किया ।
कार्यक्रम में कॉमरेड गुण शेखरन , कॉमरेड शिवशंकर मौर्य , लाखन सिंह रघुवंशी , एजाज परवेज खान , एस एस शाक्य , नवाब उद्दीन , शेर सिंह , विजय भाई , अदिति , जमुना प्रसाद , जब्बर भाई , राजेश पटेल सैलानी आदि शामिल हुए।