केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को राहुल गांधी को सात सुझाव दिए। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि अगर राहुल इन बातों पर अमल करें तो कांग्रेस संसद में ज्यादा सीटें जीत सकती है।
रिजिजू ने कहा- राहुल को BJP को दुश्मन नहीं, राजनीतिक विरोधी समझना चाहिए। उन्हें BJP, RSS और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत छोड़कर संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने संसद का एक पुराना वीडियो भी शेयर किया। इसमें वे भाषण दे रहे हैं और विपक्षी सांसद सदन से उठकर जाते दिख रहे हैं। रिजिजू ने वीडियो के साथ लिखा- जो लोग लोकतंत्र और चर्चा में विश्वास नहीं करते, वे ही आज बहस की बात कर रहे हैं।
रिजिजू का यह बयान राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती के बाद आया है। राहुल ने पिछले तीन दिनों में चार बार प्रधानमंत्री को बहस के लिए चुनौती दी है।
केरलम BJP अध्यक्ष बोले- राहुल बांग्लादेश चले जाएं
केरलम भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को राहुल गांधी पर भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट कर कहा- राहुल बांग्लादेश चले जाएं। अगर उन्हें अराजकता फैलाने का शौक है तो वे वहां जाकर राजनीति करें और अपने साथ जमात-ए-इस्लामी को भी ले जा सकते हैं, जो उनका समर्थन करता है।
मोदी के विदेशी ताकतों से संबंध के आरोपों पर बहस चाहते हैं राहुल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर विदेशी ताकतों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मोदी विपक्ष पर देशविरोधी होने और विदेशी ताकतों से संबंध रखने के आरोप लगाते हैं, इसलिए उन्हें इन मुद्दों पर खुली बहस करनी चाहिए।
राहुल ने बहस के लिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील, देश की आर्थिक व्यवस्था, उद्योगपति गौतम अडाणी और जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि बहस में देश के युवा और मीडिया भी मौजूद रहें। प्रधानमंत्री अपनी पसंद की जगह और जज चुन सकते हैं।
राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सरकार चर्चा की बात करती है, लेकिन विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं देती। उन्होंने कहा कि जब वे बोलने की कोशिश करते हैं तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है।
राहुल गांधी ने 3 दिन में 4 बार पीएम को चैलेंज किया
2 नवंबर: राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती दी।
3 नवंबर: राहुल ने वीडियो जारी कर कहा कि मोदी को बहस की चुनौती दिए 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन उनकी तरफ से जवाब नहीं आया।
3 नवंबर: राहुल ने X पर एक पोल कराया। इसमें युवाओं से पूछा कि क्या वे राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच आमने-सामने बहस देखना चाहते हैं।
4 नवंबर: पंजाब के संगरूर में कांग्रेस की इंसाफ रैली में राहुल ने फिर मोदी को चुनौती दी। राहुल ने दावा किया कि पांच मिनट की बहस में वे साबित कर देंगे कि मोदी 'देशद्रोही' हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नियंत्रण में हैं।
राहुल पहले भी बहस की चुनौती दे चुके
1. अगस्त 2018- राफेल पर: कर्नाटक के बेलगाम में जनध्वनि रैली में - "मोदी जी और मेरे बीच राफेल पर बहस करा दो, मैं घंटों बोलूंगा"।
2. जनवरी 2019 - राफेल पर 20 मिनट वाली बहस का चैलेंज: लोकसभा में - "मुझे PM के साथ 20 मिनट वन टु वन बहस करने दो, US प्रेसिडेंशियल डिबेट की तरह"। साथ ही कहा था कि PM में हिम्मत नहीं है।
3. अप्रैल 2019- भ्रष्टाचार पर: मेनिफेस्टो लॉन्च के बाद और फिर 7 अप्रैल को - मोदी के एक इंटरव्यू के बाद ट्वीट किया - "आप भाग सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते, मैं आपको भ्रष्टाचार पर बहस की चुनौती देता हूं"।
4. 2024 चुनाव से पहले - पूर्व जस्टिसों का चैलेंज: राहुल समेत विपक्ष ने पूर्व जजों (मदन लोकुर, एपी शाह) के जरिए PM को लेटर लिखकर नेशनल सिक्योरिटी, अडानी, इलेक्टोरल बॉन्ड पर डिबेट को कहा था, जिसे PMO ने इग्नोर किया।
राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया X पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और उन्हीं की मदद से प्रधानमंत्री बने हुए हैं।