'पाकिस्तान को ले डूबी फौज', अमेरिकी एक्सपर्ट फरीद जकारिया ने खोली पोल, बताया- भारत से क्यों पिछड़ा पड़ोसी

Updated on 24-03-2026 01:03 PM
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: अमेरिका के सीनियर पत्रकार, लेखक और जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट फरीद जकारिया ने कहा है कि 'पाकिस्तान को उसकी सेना ले डूबी है।' उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच डेवलपमेंट की तुलना की है। उन्होंने कहा है कि 'भारत के मुख्य निर्यात आमतौर पर रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद, जैसे डीजल और कृषि और उससे जुड़े सामान होते थे। लेकिन अब स्मार्टफोन भारत के सबसे बड़े एकल मर्चेंडाइज निर्यात के तौर पर उभरे हैं। वैश्विक स्मार्टफोन निर्माण के क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरना दुनिया भर में पहचान बना रहा है।'

फरीद जकारिया ने कहा है 'अभी सिर्फ 10 साल पहले ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में पाकिस्तान शायद भारत से 50 पॉइंट आगे था। लेकिन पाकिस्तान पूरी तरह से अव्यवस्थित है और देश पर सेना का कब्जा है। यह समस्या कभी हल नहीं हुई।' उन्होंने कहा कि 'भारत में जहां समाजवाद के मॉडल पर 1970 के दशक में काम हो रहा था वहीं पाकिस्तान में हमेशा से बिजनेस के लिए दोस्ताना माहौल था और हालिया वर्षों तक उसका असर दिखा है जब सिर्फ 10 साल पहले तक वर्ल्ड बैंक के मुताबिक ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में शायद भारत से उसके 50 प्वाइंट ज्यादा थे।'

'पाकिस्तान को ले डूबी उसकी अपनी फौज'

फरीद जकारिया का कहना है कि पाकिस्तान का सिस्टम, वहां की सरकार और संस्थाएं सही तरीके से काम नहीं कर रही हैं। कानून सिर्फ कागजों पर रह गए हैं और जमीन पर भ्रष्टाचार या अव्यवस्था का बोलबाला है। उन्होंने संकेतों में कहा कि पाकिस्तान की सेना ने देश पर नियंत्रण कर रखा है। वहीं जकारिया ने ब्राउन यूनिवर्सिटी के वॉटसन स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में अपने लेक्चर में भारत की उपलब्धियों के बारे में बात की।
जकारिया ने कहा कि 'अगर आप में से किसी की जेब में लेटेस्ट iPhone यानी iPhone 17 है तो वह भारत में बना है। हर एक iPhone 17 भारत में बना है। अब सभी स्मार्टफोन का लगभग 25% और सभी iPhones का लगभग 50% भारत में बनता है।' अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य में स्थित इस यूनिवर्सिटी में बोलते हुए जकारिया ने इस बदलाव की रफ्तार पर जोर देते हुए कहा कि 'इसकी सबसे खास बात यह है कि खासकर iPhone के मामले में। अगर आप चार साल पीछे जाएं तो भारत में एक भी iPhone नहीं बनता था।

'सिर्फ चार सालों भारत ने हासिल की उपलब्धि'

असल में भारत ने सिर्फ चार सालों में ही अमेरिका के लिए स्मार्टफोन बनाने वाले मुख्य देश के तौर पर चीन की जगह ले ली है। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में पहले लोग मानते थे कि सिर्फ चीन ही ऐसा कर सकता है, यानी बड़े पैमाने पर बहुत ही बारीकी से चीजे बनाना, लेकिन भारत ने ऐसा सिर्फ चार सालों में ही कर दिखाया।' आपको बता दें कि 2025 में स्मार्टफोन आधिकारिक तौर पर देश की सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी बन गए हैं और उन्होंने एक्सपोर्ट कैटेगरी के पारंपरिक दिग्गजों जैसे ऑटोमोटिव डीजल फ्यूल और तराशे हुए हीरों को पीछे छोड़ दिया है।

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