प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हो गया अहंकार : प्रियंका गांधी

 

आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर लगभग सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के किसान, नौजवान, बेरोजगार और कामगारो ने पूर्ण बहुमत की दो बार सरकार बनवाई जिसका प्रधानमंत्री को अहंकार हो गया है। किसानों की आय दोगुनी करना, बेरोजगारों को दो करोड़ रोजगार देना और हर हाथ को काम देना, काला धन वापस लाना, खाते 15 लाख रुपये आना आदि का लालच देकर एक बड़े वर्ग के साथ छल किया गया है।


विगत 3 माह से 3 नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान इस भीषण ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर सरकार से मांग कर रहे हैं कि तीन नए कृषि कानून पूरी तरह रद्द किए जाएं और एमएसपी अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाया जाए जिससे किसानों की उपज को कोई भी एमएसपी से कम दाम पर न खरीदे यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो सजा का प्राविधान किया जाए। गूंगी बहरी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेग रहा है। इच बीच लगभग सवा दो सौ किसान शहीद हो गये हैं। जिनका सरकार के पास कोई आंकड़ा नहीं है। किसानों को लेकर इतनी असंवेदनशील सरकार हो गई है। उधर जनता अभी कोरोना काल में बेजगारी की मार से उबर नहीं पाई हैं। सरकार डीजल-प्रट्रोल और रसोई गैस के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी आम जनता की कमर तोड़ कर रख दिया है। 


कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने दो-तीन साथियों को लाभ पहुंचाने के लिए 3 नए कृषि कानून लेकर आए हैं। तीन नए कृषी कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनके आंदोलन को दबाने और कुचलने के लिए इस भीषण ठंड में वाटर कैनन की बौछारें, आंसू गैस के गोले दागे गए, इसके बाद भी जब किसान नहीं रुके तो रोड पर बैरीकेडिंग के साथ ही बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए और किले गाड़ी गई मानो किसानों को नहीं आतंकवादियों को रोकने का सरकार अथक प्रयास कर रही है। इस पर भी किसान जब नहीं रुके तो उनको खालिस्तानी, पाकिस्तानी आतंकवादी, आंदोलनजीवी, परजीवी  आदि कहा गया है। यहां तक कि भाजपा के एक विधायक ने बहुत ही अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी किसानों पर की है। ‌ इसी बीच सरकार और किसान में 12 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। बता दें कि विगत 3 माह में लगभग सवा दो सौ किसान शहीद हो गए हैं, इसके बाद भी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। न ही सरकार के पास इन किसानों के मौत का कोई आंकड़ा है। कई प्रदेशों के स्थानीय निकाय चुनाव में जिस तरह जनता ने भाजपा को नकारा है उससे लगता है कि जनता अब बदलाव चाहती है।


कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जनता अभी कोरोना काल मार से उबर नहीं है। लोगों के रोजगार छिन गए है। इसके बावजून सरकार पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं उससे आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। सरकार जनता पर बोझ डालकर अपनी झोली भरने में लगी हुई है। सरकार के पास किसानों के बकाए गन्ने का भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन अपने लिए दो हवाई जहाज खरीदने के लिए सोलह सौ करोड़ रुपए हैं। संसद में प्रधानमंत्री ने किसानों को आंदोलनजीवी कह कर उनका मजाक उड़ाया है। जबतिक प्रधानमंत्री को मालूम होना चाहिए कि देश को आजादी दिलाने के कितने  सपोतों ने आंदोलन किये हैं। यह वही किसान हैं जिनके बेटे जान हथेली पर लेकर देश की सरहदों पर दिन रात पैनी नजर रखे हैं। तब जाकर हम अपने घरों में सो रहे होते हैं। उन्हीं के परिवार के बाप-दादा, भाई-बहनों को आतंकवादी, खालिस्तानी, आंदोलनजीवी आदि नामों से नवाजा गया। देश में बेरोजगारी का आलम यह है कि बीटेक, एमटेक, और एमबीए डिग्रीधारी रोजगार लोग रोजगार की आस में दिन.रात भटक रहे हैं। 2014 के चुनाव के पहले नारा दिया गया था कि बहुत हुई डीजल पेट्रोल की महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार।


उज्जवला योजना के अंतर्गत कुछ गरीबों को गैस सिलेंडर दिया। इसके बाद गैस के दाम बढ़ाकर सरकार ने उन गरीब लोगों को ठगने का काम किया है। अब उनके पास यह स्थिति नहीं है कि सिलेंडर को भरवा सके ‌। उधर करोना कॉल मे जिस तरह प्रवासी मजदूर साधन विहीन पैदल चलकर अपने घर वापस गए हैं इसको पूरा देश देख रहा था। कांग्रेस ने उन प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने के लिए बसें लगाई थी, लेकिन सरकार ने परमिशन नहीं दिया था। यहां तक कहा था कि सरकार चाहे तो इन बसों पर अपने पोस्टर बैनर लगवा लें लेकिन पैदल चल रहे प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने के लिए इन बसों का प्रयोग कर लें। इसके पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहारनपुर और बिजनौर में किसान महापंचायत को संबोधित कर चुकीं हैं। अब इसके बाद 23 फरवरी को मथुरा में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगी। 


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