खड़ी फसल में लगा देंगे आग- राकेश टिकैत



3 नए कृषि कानूनों को लेकर विगत लगभग 3 माह से चले आ रहे किसानो का आंदोलन जारी है। 18 तारीख को रेल रोको आंदोलन लगभग पूरी तरह सफल रहा। इसके बाद भी सरकार टस से मस नहीं हो रही है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई और न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी का कानून बने जिससे हमारी फसल को कोई उससे कम दाम पर ना खरीदे यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो वह कानून के दायरे में लाया जाए और सजा का हकदार हो।

 तीनों नए कृषि कानून वापस किए किए जाएं यदि ऐसा नहीं होता है तो हम मजबूर होकर अपनी खड़ी फसल को आग लगाकर जला देंगे। कोई भी इंसान रुपया नहीं खाता है सभी अनाज खाते हैं। यदि किसान अपनी खड़ी फसल में आग लगा देंगे तो खाने के लाले पड़ जाएंगे।

यहां यह बता दें कि सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए साम दाम दंड भेद सभी कुछ अपना चुकी है‌। किसानों को रोकने के लिए बैरीकेटिंग के साथ ही कैनन वाटर, रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे और किले तक गढ़वा दी गई, मानव सरकार आतंकवादियों को रोकने का अथक प्रयास कर रही है।इसके बाद लगता है कि सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी को भूल कर सिर्फ सत्ता के मद में चूर है। 

सरकार अपना घोषणापत्र तो भूल ही गई है साथ ही यह भी भूल रही है कि अभी कुछ दिन के बाद फिर जनता के बीच जाना है। किसानों के सामने कौन सी उपलब्धि लेकर अपना मुंह दिखाएंगे। 

यह हिम्मत तो कांग्रेस सरकार में थी कि वह अपने खिलाफ ही भ्रष्टाचार को खोलने के लिए आरटीआई जैसे शास्त्र को जनता के हाथ में पकड़ाया था। वर्तमान सरकार में नैतिकता का अभाव दिखाई पड़ता है यहां तक की सरकार को जो बात अच्छी नहीं लगती है उसको कोई उजागर करता है तो संगीन धाराओं में मुकदमा करवा कर जेल में डलवा दिया जाता है।



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